Saturday, January 16, 2021
Follow us on
BREAKING NEWS
ट्रूडो का कहना है कि 14 दिन के संगरोध के लिए छुट्टियां मनाने वाले कैनेडा सिकनेस लाभ का दावा नहीं कर पाएंगे।ओंटारियो में लगातार दूसरे दिन 3,000 से अधिक COVID-19 मामलों की रिपोर्ट।कृषि क़ानूनों में संशोधन को तैयार होकर केंद्र ने माना कि उसमें कमियां थीं: भारतीय किसान यूनियन.हत्याकांड की जांच: मार्खम घर में विस्फोट से 2 बच्चों की मौत.ओंटारियो में 2,200 से अधिक नए COVID -19 मामलों में 21 मौतें हुईं।नए COVID-19 वेरिएंट उभरने के साथ फोर्ड ने हवाई अड्डों पर COVID-19 परीक्षण बढ़ाया।ओंटारियो में लॉकडाउन बॉक्सिंग डे से शुरू होगा, प्रीमियर डग फोर्ड ने घोषणा की है।C0VID-19 मॉडर्न वैक्सीन को अब फ्रीज की जरूरत नहीं है, जो शिपिंग की आसान सुविधा बनाती है।
India

किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी, कहा- मांगें पूरी होने तक होता रहेगा विरोध.

November 30, 2020 12:01 PM

केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के बीच उत्तर प्रदेश से लगते दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा मजबूत कर दी है और कंक्रीट के अवरोधक लगा दिए हैं. वहीं, हजारों किसान सोमवार को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर पांचवें दिन भी डटे रहे.

केंद्र के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन सोमवार को भी जारी है. प्रदर्शनकारियों ने आज राष्ट्रीय राजधानी को जाने वाले पांच मार्गों को जाम करने की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि वे सशर्त बातचीत का कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं करेंगे.

राष्ट्रीय राजधानी को दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाले कई अन्य राजमार्गों को भी अवरुद्ध करने की किसानों की चेतावनी के बीच सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

इस बीच केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की घटक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने केंद्र सरकार से हाल में लागू कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है.

किसानों ने सोमवार को कहा कि वे ‘निर्णायक’ लड़ाई के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.

प्रदर्शनकारी किसानों के एक प्रतिनिधि ने सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके ‘मन की बात’ सुनें.

उन्होंने कहा, ‘हम अपनी मांगों से समझौता नहीं कर सकते.’

किसानों के प्रतिनिधि ने दावा किया कि यदि सत्तारूढ़ पार्टी उनकी चिंता पर विचार नहीं करती तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी.

उन्होंने कहा, ‘हम यहां निर्णायक लड़ाई के लिए आए हैं.’

वहीं, एक अन्य किसान नेता गुरनाम सिंह चारुणी ने कहा कि आंदोलन को ‘दबाने’ के लिए अब तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगभग 31 मामले दर्ज किए गए हैं.

चारुणी ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा.

सिंघू और टिकरी बॉर्डर दोनों जगह शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन जारी है तथा पिछले दो दिन से किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं मिली है, लेकिन पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से और किसानों के पहुंचने से गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई है.

प्रदर्शनकारियों ने उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित मैदान में जाने के बाद बातचीत शुरू करने के केंद्र के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा है कि वे कोई सशर्त बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे. इसके बाद उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए एक बैठक बुलाई.

दूसरी ओर शनिवार को बुराड़ी के निरंकारी समागम मैदान पहुंचे किसानों का प्रदर्शन वहां जारी है.

दिल्ली-हरियाणा के सिंघू बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन (दकौन्डा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा, हम सभी राज्यों के किसान संगठनों के साथ बैठक नहीं कर सकते. हम केवल पंजाब के 30 संगठनों के साथ ही ऐसा कर सकते थे. हमने मोदीजी के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया.’

Have something to say? Post your comment
More India News
कृषि क़ानूनों में संशोधन को तैयार होकर केंद्र ने माना कि उसमें कमियां थीं: भारतीय किसान यूनियन.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- किसानों को अहिंसक प्रदर्शन का अधिकार, केंद्र को कानून लागू न करने का सुझाव.
किसान नेताओं ने कृषि कानूनों को रद्द करने पर जोर दिया, वार्ता का छठा दौर निरस्त.
किसान आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास भाजपा का आज़माया हुआ तरीका है.
आठ दिसंबर को भारत बंद, किसानों के साथ सरकार की बातचीत बेनतीजा.
किसानों ने ठुकराई सरकार की खातिरदारी, अपने साथ लाया हुआ खाना जमीन पर बैठकर खाया।
आठ दिसंबर से दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित पूरे उत्तर भारत में आपूर्ति रोक देंगे, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट ने कहा.
अगर किसानों की मांगें दो दिन में नहीं पूरी की गईं तो हड़ताल पर जाएंगे: टैक्सी यूनियन
केंद्र और किसानों के बीच बेनतीजा रही बैठक, परसों फिर होगी बातचीत, आंदोलन जारी रहेगा
कृषि कानून पर फिर भड़के किसान:अंबाला में प्रदर्शन, पुलिस से भिड़े किसान; हरियाणा-पंजाब बॉर्डर सील, दोनों तरफ से आवाजाही पर रोक.